आईआईटी जोधपुर में पराली बनी पेटेंट, वैज्ञानिकों ने तैयार किया पायलट प्लांट

आईआईटी जोधपुर में पराली बनी पेटेंट, वैज्ञानिकों ने तैयार किया पायलट प्लांट

IIT Jodhpur Patents Stubble Burning

IIT Jodhpur Patents Stubble Burning

आईआईटी के शोध, नवाचार और सतत् परिसर पहलों से विकसित भारत के लक्ष्य की राह बनी आसान
पीआईबी चंड़ीगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने आईआईटी, निफ्ट और एफडीडीआई का दौरा किया

अर्थ प्रकाश आदित्य शर्मा
जोधपुर/चंडीगढ़, 10 मार्च। IIT Jodhpur Patents Stubble Burning: 
एक तरफ जहां पंजाब हरियाणा और दिल्ली में पराली से नुकसान का डर हमेशा सिर पर मंडराता है, वहीं राजस्थान स्थित जोधपुर में आईआईटी वैज्ञानिकों ने पराली को नायाब रूप देकर विकसित भारत के लक्ष्य की राह आसान बना दी है। आईआईटी जोधपुर के वैज्ञानिक ने पराली से बनाई निर्माण सामग्री को ना सिर्फ पेटेंट बनाया है, बल्कि पराली से मकानों के पिलर और दीवारें खड़ी करके आशियाने के सपने को साकार रूप देना शुरू कर दिया है। आईआईटी के वैज्ञानिक डा. प्रियव्रत राउतराय ने बताया कि वह पराली पर शोध करते आ रहे थे। 11 वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद साल 2019 में पेटेंट मिलने के बाद उन्होंने निर्माण सामग्री के तौर पर इसे शोध से में शामिल किया। दिलचस्प बात यह ही कि प्रियव्रत को 2024 में भारत देकर से 50 लाख रुपए बी आई जी ग्रांट मिलने के बाद अब संस्थान के निदेशक प्रोफेसर अविनाश कुमार अग्रवाल ने कैंपस में ही जगह भी मुहैया करवाई जिसे अब पराली से पायलट प्लांट में तब्दील किया जा रहा है। पराली की दीवार पर सीमेंट के बाद टाइल लगा कर इसबेहतरीन लुक दी जा सकती है। 

IIT Jodhpur Patents Stubble Burning

आईआईटी जोधपुर के निदेशक प्रो. अविनाश कुमार अग्रवाल ने संस्थान की दृष्टि, शैक्षणिक कार्यक्रमों तथा अत्याधुनिक शोध, प्रौद्योगिकी विकास और राष्ट्र निर्माण में संस्थान के बढ़ते योगदान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस सत्र में संस्थान के विभिन्न संकायों के डीन भी उपस्थित रहे और उन्होंने पत्रकारों को विभिन्न शैक्षणिक एवं अनुसंधान गतिविधियों के बारे में अवगत कराया। संस्थान द्वारा किए जा रहे विभिन्न शोध कार्यों, महत्वपूर्ण शैक्षणिक एवं अनुसंधान गतिविधियों तथा नवाचार पहलों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्थान विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में निरंतर नए आयाम स्थापित कर रहा है। अविनाश कुमार अग्रवाल ने   बताया कि आईआईटी जोधपुर विभिन्न राष्ट्रीय एवं  संस्थानों, उद्योगों तथा सरकारी विभागों के साथ सहयोग के माध्यम से कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य कर रहा है। इन सहयोगात्मक प्रयासों के माध्यम से अनुसंधान, तकनीकी विकास तथा नवाचार को बढ़ावा देने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जिससे समाज और उद्योग दोनों को लाभ मिल रहा है। दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने स्कूल ऑफ डिजाइन का भ्रमण किया, जहां उन्हें अंतर्विषयक डिजाइन शिक्षा, नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों तथा सामाजिक और तकनीकी चुनौतियों के समाधान से जुड प्रोजेक्ट्स के बारे में जानकारी दी गई।  

सेंट्रल रिसर्च फैसिलिटी का अवलोकन

पत्रकार प्रतिनिधिमंडल ने जोधपुर सिटी नॉलेज एंड इनोवेशन फाउंडेशन का भी दौरा किया, जहां उन्हें क्षेत्र में उद्यमिता, स्टार्टअप इनक्यूबेशन तथा नवाचार आधारित पारितंत्र को बढ़ावा देने से जुड़ी विभिन्न पहलों के बारे में बताया गया। इसके अतिरिक्त प्रतिनिधिमंडल ने आईआईटी जोधपुर की सेंट्रल रिसर्च फैसिलिटी का अवलोकन किया, जहां अत्याधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों और शोध अवसंरचना के माध्यम से विभिन्न विषयों में उन्नत अनुसंधान कार्य किए जा रहे हैं। दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने संस्थान के सतत् एवं पर्यावरण अनुकूल परिसर का भी निरीक्षण किया, जिसमें ऊर्जा दक्ष प्रणालियों, पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी अवसंरचना तथा सतत् विकास से जुड़ी विभिन्न पहलों को देखा गया।

अंतर्विषयक शोध, नवाचार को प्रोत्साहन

दौरे में पत्रकारों को संकाय सदस्यों और अधिकारियों के साथ अनौपचारिक बातचीत का अवसर मिला। इस दौरान उन्होंने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने में आईआईटी जोधपुर की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। इस दौरे के माध्यम से मीडिया प्रतिनिधियों को संस्थान में हो रहे अंतर्विषयक शोध, नवाचार को प्रोत्साहन देने के प्रयासों तथा राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप तकनीकी प्रगति में आईआईटी जोधपुर के योगदान को प्रत्यक्ष रूप से देखने का अवसर मिला।

निफ्ट नवीन तकनीक, कौशल आधारित एवं रोजगारपरक: प्रो. प्रसाद

इन दिनों राजस्थान के दौरे पर पीआईबी टीम ने  मंगलवार को जोधपुर में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जोधपुर ,  राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट)और फुटवियर डेवलपमेंट डिजाइनिंग इंस्टीट्यूट का दौरा किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने आईआईटी के शोध पारितंत्र, नवाचार पहलों तथा उच्च शिक्षा और प्रौद्योगिकी विकास से जुड़े उत्कृष्ट प्रयासों के बारे में जानकारी प्राप्त की।

IIT Jodhpur Patents Stubble Burning

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निफ्ट के निदेशक  प्रो(डॉ) जीएचएस प्रसाद ने संस्थान की कार्यप्रणाली, नवीन गतिविधियों तथा शिक्षा की गुणवत्ता के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। निदेशक प्रो. प्रसाद ने बताया कि निफ्ट नवीन तकनीक, कौशल आधारित एवं रोजगारपरक शिक्षा के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि फैशन शिक्षा के क्षेत्र में निफ्ट ने देश-विदेश में विशिष्ट पहचान स्थापित की है। यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। प्रो. प्रसाद ने संस्थान के अत्याधुनिक प्रयोग और नवाचारों के बारे में अवगत कराते हुए संस्थान में अध्ययनरत विद्यार्थियों के द्वारा तैयार किए गए राजस्थान रॉयल्स क्रिकेट टीम की जर्सी और पार्लियामेंट के मार्शल्स के लिए बनाए परिधानों के बारे में भी बताया। इस अवसर पर पत्रकार दल ने संस्थान की प्रयोगशाला और संस्थान का दौरा भी किया। उन्होंने  बताया कि केंद्र सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाओं, शोध गतिविधियों और नवाचार परियोजनाओं में निफ्ट की सक्रिय भागीदारी रही है। संस्थान फैशन, डिज़ाइन और टेक्सटाइल क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है और युवाओं के लिए अनेक अवसर उपलब्ध करा रहा है। असिस्टेंट प्रोफ़ेसर एवं जनसम्पर्क अधिकारी डॉ मनीष शर्मा ने बताया कि पत्रकार दल ने संस्थान की प्रयोगशालाओं, प्रशिक्षण केंद्रों, इनोवेशन सुविधाओं और विद्यार्थियों के कौशल प्रदर्शन का अवलोकन किया। इस दौरान संयुक्त निदेशक डॉ जन्मय सिंह हाड़ा, फैशन डिजाइन विभाग से डॉ अदिति मेड़तिया ने निफ्ट का भ्रमण करवाया।